गूगल पर लोग आपको ढूँढ़ रहे हैं, लेकिन उन्हें आपका सामान, दाम और समय कुछ पता नहीं चलता — इसलिए वो आगे स्क्रॉल करके किसी और के पास चले जाते हैं। एक वेबसाइट यही रोकती है।
दुकान अच्छी चल रही है — फिर भी ये तीन चीज़ें हर दिन हो रही हैं।
गूगल पर आपका पता तो मिल जाता है, पर ये नहीं पता चलता कि आप क्या-क्या रखते हैं और दाम क्या है।
"खुले हो क्या?" "ये मिलेगा?" "कितने का है?" — दिन में 20 बार। वेबसाइट पर लिखा हो तो फ़ोन कम आते हैं।
जिसकी वेबसाइट है, वो गूगल पर ऊपर दिखता है। ग्राहक को लगता है वो ज़्यादा भरोसेमंद है।
मोबाइल पर खोल कर देखिए — ग्राहक भी मोबाइल से ही देखेगा।
पंखे, कूलर, लाइट और तार की पूरी लिस्ट। नीचे हमेशा कॉल और व्हाट्सएप का बटन — ग्राहक को नंबर ढूँढ़ना नहीं पड़ता।
वेबसाइट देखें →हर इलाज की फ़ीस पहले से लिखी हुई, अपॉइंटमेंट फ़ॉर्म और आम सवालों के जवाब — डॉक्टर के फ़ोन कॉल आधे हो गए।
वेबसाइट देखें →मेंबरशिप के तीनों प्लान, ट्रेनर की जानकारी और फ़्री ट्रायल बुकिंग — नए मेंबर सीधे वेबसाइट से आते हैं।
वेबसाइट देखें →बाक़ी सब मेरा काम है। आपको कुछ सीखना नहीं पड़ेगा।
व्हाट्सएप पर 10 सवाल भेजूँगा — दुकान का नाम, सामान, पता, समय। जवाब दे दीजिए।
2 दिन में पूरी वेबसाइट तैयार करके लिंक भेज दूँगा। आप मोबाइल पर देख लीजिए।
जो ठीक करवाना हो बता दीजिए — 2 बदलाव बिल्कुल फ़्री हैं।
आपके नाम का पता (डोमेन) जोड़ कर वेबसाइट चालू कर दी जाएगी।
आधा पैसा शुरू में, आधा तब जब वेबसाइट बन कर आपको पसंद आ जाए।
नया सामान आया, दाम बदल गया, नंबर बदल गया — बस व्हाट्सएप कीजिए, 24 घंटे में हो जाएगा। कोई पैनल सीखने की ज़रूरत नहीं।
आपकी दुकान के लिए एक वेबसाइट बना कर दिखा दूँगा। पसंद आए तो आगे बात, न आए तो कोई बात नहीं।